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बालिका पंचायत — हरियाणा की पहली

दिसंबर 2024 की जिला परिषद की आम सभा में बालिका पंचायत का प्रस्ताव पारित हुआ, और 22 अप्रैल 2025 को फतेहाबाद के गाँव बरसीन में हरियाणा की पहली बालिका पंचायत का चुनाव हुआ।

राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय, बरसीन में 11 से 21 वर्ष की लगभग 150 बालिकाओं ने मतपत्र से मतदान किया। कक्षा 12 की छात्रा अस्तुति कंबोज 22 मत पाकर सरपंच चुनी गईं, और 9 वार्डों से 9 पंच चुनी गईं। गाँव की सभा ने सर्वसम्मति की जगह मतदान का रास्ता इसलिए चुना, ताकि बेटियाँ चुनाव की पूरी प्रक्रिया खुद जिएँ और समझें।

बालिका पंचायत शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, स्वच्छता और बराबरी जैसे विषयों पर काम करती है और मुख्य ग्राम पंचायत के साथ तालमेल रखती है। यह पहल बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ की भावना से जुड़ी है।

अध्यक्ष सुमन खीचड़ का कहना रहा है कि जब बेटियाँ छोटी उम्र से नेतृत्व से जुड़ती हैं, तो वे आत्मविश्वासी बनती हैं और अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम होती हैं। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने पंचकूला के राज्य-स्तरीय समारोह में बालिका सरपंच को सम्मानित किया। अगला लक्ष्य: जिले के हर गाँव में बालिका पंचायत।